जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी: 14 जून को हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाएगा। इस अंवसर पर शहर में विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं की तरफ रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। वैसे रक्तदान के संबंध में आचार्य पंडित यशोधर झा का कहना है कि रक्तदान करें और दुर्घटनाओं से खुद को बचाएं। ऐसा ग्रहों का प्रभाव और ज्योतिष में संभव है। उन्होंने कहाकि रक्तदान बहुत बड़ा पुण्य का कार्य है।

यदि मारकेश अनिष्ट भाव में हो या तो ऐसी स्थिति में अपनी अंतर्दशा अथवा प्रत्यन्तरदशा में व्यक्ति को शारीरिक कष्ट देते हैं। ज्योतिष के अनुसार चोट लगने से हमारा रक्त बहता है उससे शरीर को कष्ट उठाना पड़ता है। शारीरिक और आíथक हानि होती है। ऐसे में दुर्घटनाओं से बचने का एक ही योग है समय-समय पर रक्तदान। रक्तदान करने से पीड़ित व्यक्ति के प्राण तो बचाए जा सकते हैं और यह अपने लिए भी दुर्घटनाओं को रोकने वाला एक बहुत बड़ा ज्योतिषी उपाय है। यानी खुद को दुर्घटनाओं से बचाना है तो रक्तदान करते रहिए। उन्होंने बताया कि रक्तदान कभी भी और किसी भी समय किया जा सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ज्योतिष की दृष्टि से रक्तदान आपको खुद कई बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकता है। जिन लोगों की कुंडली में दुर्घटना में रक्त बहने के योग हैं उन्हें साल में एक या दो बार हर हाल में रक्तदान करना ही चाहिए। जानिए कब बनते हैं कुंडली में दुर्घटना के योग। कुंडली में मंगल और सूर्य दोनों रक्त कारक हैं। अगर इनका अनिष्ट प्रभाव सप्तम,अष्टम अथवा द्वादश भाव पर पड़े तो ऐसे व्यक्ति को जीवन में चोट लगती रहती हैं। सप्तम या अष्टम भाव पर मंगल की पाप दृष्टि हो तो भी जीवन में दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लग्न, चतुर्थ और सप्तम भाव में बैठा हुआ मंगल यदि शुभकारी नहीं है तो जीवन में अवश्य ही दुर्घटनाएं करता रहता है।अष्टम भाव अथवा द्वितीय भाव में मंगल राहु का प्रभाव अंगारक योग बनाता है। ऐसे व्यक्ति को बार-बार दुर्घटनाएं होना निश्चित है।यदि आपकी कुंडली में मंगल अथवा राहु की महादशा अंतर्दशा प्रत्यंतर दशा चल रही हो और ये दोनों ग्रह कुंडली में अच्छे प्रभाव में नहीं हो तो उस अवधि में दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। यद्यपि मंगल कर्म कारक ग्रह है और सूर्य तेजकारक ग्रह है ये व्यक्ति को बहुत ऊंचाइयों तक ले जाते हैं। देश के सेना प्रमुख,पुलिस ,आर्मी, प्रशासनिक क्षेत्र के व्यक्ति की अधिकतर कुंडलियों में मंगल, शनि और सूर्य अच्छे भाव के होते हैं।