दिग्गज भारतीय बल्लेबाज दिलीप वेंगसरकर का इंग्लैंड की पिचों पर बेहतरीन रिकॉर्ड है। उनका मानना है कि इंग्लैंड में सफल होने के लिए अभ्यास मैचों का होना बहुत जरूरी है। ऐसे में भारतीय टीम को साउथैंप्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल से पहले अभ्यास मैच नहीं खेलना खल सकता है। पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर से अभिषेक त्रिपाठी ने विभिन्न मुद्दों पर खास बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश :-

-विश्व टेस्ट चैंपियनशिप को आप कैसे देखते हैं क्योंकि बहुत सारे दिग्गज कह रहे हैं कि बेस्ट ऑफ थ्री यानी तीन फाइनल खेले जाए तो ज्यादा सही रहेगा। आप क्या सोचते हैं इस बारे में ?

--मुझे लगता है कि टेस्ट सीरीज ज्यादा अहम होती है, वो चाहें भारत-इंग्लैंड के बीच हो या भारत-न्यूजीलैंड के बीच हो या भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच हो या भारत-वेस्टइंडीज के बीच हो या फिर ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज हो, वो अपने आप में ज्यादा अहम होती हैं। अब ये पहली बार हो रही है तो देखते हैं यह फाइनल कितना सफल होता है। इसके बाद इस पर हमें प्रतिक्रिया देखने को मिलेंगी।

-आप जीवन भर टेस्ट क्रिकेट खेले और तब खेले जब यह प्रारूप अपने चरम पर था। लेकिन, अब विश्व टेस्ट चैंपियनशिप शुरू हुई है तो आपको क्या लगता है कि यह खेल को आगे ले जाने में कितनी अहम होगी?

--टेस्ट क्रिकेट ही बुनियादी क्रिकेट है। इसमें आपके कौशल के स्तर, तकनीक और आप मानसिक रूप से कितने सक्षम हो, इन सब का पता चलता है। वनडे और टी-20 में इन सब चीजों का पता नहीं चलता है। मुझे लगता है कि यह हर बोर्ड पर निर्भर करता है कि टेस्ट क्रिकेट को कितना महत्व देते हैं।

-आपने इंग्लैंड में सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक हैं। तब से अब में इंग्लैंड की पिचों में कितना बदलाव आया है और हमारे खिलाड़ियों को वहां की पिचों पर खेलते समय क्या तकनीक अपनानी चाहिए?

--जब आप इंग्लैंड,ऑस्ट्रेलिया या न्यूजीलैंड जाते हो तो मुझे लगता है कि वहां जो काउंटी या राज्य की टीमों के साथ अभ्यास मैच होते हैं, वो काफी अहम होते हैं। ऐसे कम से कम तीन मैच जरूर होने चाहिए, जिससे आप वहां की परिस्थितियों, पिचों और मौसम के साथ तालमेल बिठा सकें। अगर आप बिना किसी अभ्यास मैच के इंग्लैंड में सीधे टेस्ट मैच खेल रहे हो तो आपको थोड़ी समस्या हो सकती है। हम लोग भाग्यशाली थे कि हमें टेस्ट मैच से पहले तीन से चार अभ्यास मैच खेलने को मिलते थे और फिर दो टेस्ट मैचों के बीच में भी अभ्यास मैच खेलने को मिलते थे। उससे काफी फर्क पड़ता था और हमें वहां तालमेल बिठाने में आसानी हो जाती थी।

आप इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया में जितना ज्यादा खेलते हैं तो आप गेंद के मूवमेंट और बाउंस को समझने लगते हैं। इंग्लैंड में जब भी बादल छाते हैं तो गेंद में मूवमेंट होने लगता है और पहले दिन से ही गेंद मूवमेंट करती है। इसलिए कुछ अभ्यास मैच खेलना जरूरी होता है। न्यूजीलैंड की टीम वहां इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलने के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलेगी तो उन्हें उसका फायदा मिलेगा। हालांकि, भारत की टीम सबसे अच्छी टीम है, लेकिन न्यूजीलैंड को दो टेस्ट मैच खेलने का फायदा मिलेगा और हम एक भी अभ्यास मैच नहीं खेल रहे हैं।

-पिछले दो-तीन साल से देख रहे हैं कि भारत का कार्यक्रम विदेशी दौरों में काफी व्यस्त बनाया जा रहा है, जिसकी वजह से अभ्यास मैच काफी कम हो गए हैं और ऐसा लगता है कि टीम प्रबंधन भी शायद अभ्यास मैच नहीं खेलना चाह रहा है?

--अगर आप टेस्ट मैच से पहले दो-तीन अभ्यास मैच नहीं खेलेंगे तो पहला टेस्ट काफी कठिन हो जाता है। इसके बाद आपका दूसरे, तीसरे फिर चौथे टेस्ट में प्रदर्शन बेहतर होता जाता है। इसलिए मेरे ख्याल से दौरे की शुरुआत से पहले अभ्यास मैच खेलना काफी महत्वपूर्ण है।

-क्या अब इंग्लैंड की पिचों पर खेलना पहले से आसान हो गया है?

--मुझे ऐसा नहीं लगता है। अगर आप फॉर्म में हैं तो अच्छे रन कर सकते हैं। गेंदबाज भी यह बात मैच में ही समझ पाता है कि उसे क्या लेंथ रखनी है। यह बात नेट में समझ नहीं आती है।

-विराट कोहली काफी शानदार कप्तान हैं, मगर अजिंक्य रहाणे ने अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में युवा खिलाडि़यों के दम पर हराया। रहाणे काफी शांत कप्तान हैं। आपको क्या लगता है भारत को कैसे कप्तान की जरूरत है?

--मेरे ख्याल से अगर कोहली वहां पर हैं तो सभी को उसे बतौर कप्तान समर्थन देना चाहिए। जो बात अभी नहीं है तो उसके बारे में अभी बात करने की जरूरत नहीं है। कोहली अच्छे बल्लेबाज हैं, वह और रोहित शर्मा दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं। मैं भी कप्तान के रूप में उनका समर्थन करूंगा।

-यह सर्वश्रेष्ठ टीम इंडिया है या अभी इसे दक्षिण अफ्रीका में भी टेस्ट सीरीज जीतना होगा तब हम इसे सर्वश्रेष्ठ भारतीय टीम कहेंगे?

--मेरे ख्याल से यह सर्वश्रेष्ठ भारतीय टीम है। इस टीम ने ऑस्ट्रेलिया में पहला टेस्ट मैच हारने के बावजूद वापसी करते हुए सीरीज जीती। यह बेहतरीन प्रदर्शन था। युवा खिलाड़ी और तेज गेंदबाज भी काफी बेहतर हैं, बल्लेबाजी भी काफी शानदार है और विकेटकीपर अच्छा है। महेंद्र सिंह धौनी के बाद रिषभ पंत के रूप में काफी अच्छा विकेटकीपर मिला है। यह काफी अच्छी टीम है।

-इंग्लैंड में किस गेंदबाज से टीम इंडिया के बल्लेबाजों को बच कर रहना चाहिए?

--मेरे ख्याल से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट से बचकर रहना चाहिए साथ ही उनके पास और भी गेंदबाज काफी अच्छे हैं। टिम साउथी ने भी इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में छह विकेट लिए हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

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